CENTRAL INSTITUTE OF BRACKISHWATER AQUACULTURE
 
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हमारे बारे में

मत्‍स्‍य और सीपदार मछली उत्‍पादन में बढ़ौतरी लाने के लिए तटवर्ती प्रदेश, दलदल और खारा जलजीवों के उत्‍पादन में कमी और थोड़े उत्‍पादन से अधिकतम आर्थिक और सामाजिक लाभ प्राप्‍त करने, निर्यात और विदेशी मुद्रा कमाने के लिए उत्‍पादन में वृद्धि करने, खाद्य सुरक्षा व्‍यवस्‍था को समर्थन देने, सहायक उद्योगों की स्‍थापना करने, रोज़गार बढ़ाने और ग्रामीण गरीब जनता के सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार करने के लिए खारा जलजीव पालन को एक महत्त्‍वपूर्ण क्षेत्र के रूप में पहचाना गया है। इन सभी क्रियाकलापों के लिए पर्याप्‍त और सतत अनुसंधान एवं विकास कार्यों की आवश्‍यकता है। भारत सरकार के कृषि मंत्रालय के अंतर्गत भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद् ने 7वीं योजना के दौरान दिनांक 01.04.1987 को केंद्रीय खारा जलजीव पालन अनुसंधान की स्‍थापना की।

केंद्रीय खारा जलजीव पालन अनुसंधान, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद् के मात्स्यिकी विभाग के अंतर्गत स्‍थापित आठ संस्‍थानों में से एक है। खारापानी जलजीव पालन के क्षेत्र में अनुसंधान करने और प्रौद्योगिकी समर्थन प्रदान करने के लिए बर्ष 1987 के अप्रैल के महीने में केंद्रीय खारा जलजीव पालन अनुसंधान (सीबा) की स्‍थापना की थी। इस संस्‍थान का मुख्‍यालय चेन्‍नई में है और चेन्‍नई से दक्षिण की ओर 30 किलोमीटर की दूरी पर फील्‍ड सुविधाएं स्‍थापित की गई हैं।

इस संस्‍थान का एक अनुसंधान केंद्र

उद्देश्‍य